Monday, May 4, 2020

बालों का झड़ना। Hair Loss

आज दुनिया के करोड़ों लोग चाहे पुरूष हों या स्त्री बाल झड़ने की समस्या से परेशान हैं। बालों की देखभाल सही तरह से न की जाये तो बाल गिरने शुरू हो जाते हैं। हालांकि सामान्यत: लोगों के बाल झड़ते हैं लेकिन सामान्य से ज्यादा बाल झड़ रहे हैं तो समझिए कि समस्या गम्भीर हैं।

गंजापन और बाल झड़ने के विभिन्न कारण होते हैं जो निम्नलिखित हैं- मानसिक कार्य अधिक करना, वंशानुगत (पीढ़ियों से चला आया गंजापन का रोग), भोजन में विटामिन्स की कमी, वृद्धावस्था (बुढ़ापा), रक्तविकार (खून की खराबी), सिर में दाद, फेवस (रूसी) आदि। कंघी या सिर की मालिश करते समय टूटे बाल हाथ में आते रहते हैं। धीरे-धीरे सिर में बाल नहीं के बराबर रह जाते हैं।

बाल झड़ने के पीछे तनाव, इन्फेक्शन, हार्मोन्स का असंतुलन, पोषक पदार्थों की कमी, दवाओं के साइड इफेक्ट्स, लापरवाही बरतना या बालों की सही देखभाल न करना घटिया साबुन और शैंपू का प्रयोग आदि कई कारण हो सकते है। 

उपचार :

एक साल पुराने आम के अचार के तेल से रोजाना मालिश करें। इससे गंजेपन का रोग कम हो जाता है।

दही को तांबे के बर्तन से ही इतनी देर रगडे़ कि वह हरा हो जाए। इसे सिर में लगाने से गंजेपन की जगह बाल उगना शुरू हो जाते हैं।

5-5 ग्राम कबीला, कच्चा सुहागा तथा कम भुनी राई को एक साथ पीसकर सिर के गंजेपन पर सरसों के तेल में मिलाकर लेप करें। इससे गंजेपन का रोग मिट जाता है।

00 ग्राम झाऊ की जड़ छाया में सुखाकर दरदरा यानी मोटा-मोटा कूटकर 500 मिलीलीटर पानी में उबालें, 100 मिलीलीटर पानी रह जाने पर निथारकर 100 मिलीलीटर तिल के तेल में जलायें, फिर इसे ठंडा कर लेने के बाद बालों में लगाएं। इससे बालों का झड़ना भी कम हो जाता है।

मेथी के बीजों को बालों में लेप करने से बालों का झड़ना बन्द हो जाता है।

20 ग्राम सुहागा और 20 ग्राम कपूर दोनों को बारीक पीसकर पानी में घोलकर, बाल धोने से बालों का गिरना कम हो जाता है।

चुकन्दर के पत्ते का रस सिर में मालिश करने से गंजेपन का रोग मिट जाता है और नये बाल आना शुरू हो जाते हैं।

धतूरे के रस को सिर पर मलने से बाल उगने में सहायता मिलती है। इसका प्रयोग नियमित रूप से कुछ हफ्तों तक करना चाहिए।

धतूरे के पत्तों के रस का लेप करने से खालित्य (गंजापन) नष्ट हो जाता है।

जली हुई कलौजी हेयर आइल में मिलाकर नियमित रूप से गंजेपन में मालिश करने से लाभ होता है।

नीम के पत्ते 10 ग्राम तथा बेर के पत्ते 10 ग्राम लेकर दोनों को अच्छी तरह पीसकर इसका उबटन (लेप) तैयार कर लें। इसके बाद इस लेप को सिर पर लगाकर 1 से 2 घण्टे बाद धोने से बाल उग आते हैं। इसका प्रयोग एक महीने तक करने से लाभ मिलता है।

100 ग्राम नीम के पत्तों को एक लीटर पानी में उबाल लें। इससे बालों को धोकर नीम के तेल को लगाने से बाल उगने लगते हैं।

नीम के तेल को सूंघने से गंजेपन का रोग दूर हो जाता है।

नीम का तेल 2-3 महीने रोजाना बालों के उड़कर बने चकत्ते पर लगाने से बाल उग आते हैं।

अनार के पत्ते पानी में पीसकर सिर पर लेप करने से गंजापन दूर हो जाता है। प्रतिदिन मीठा अनार खाने से पेट मुलायम रहता है तथा कामेन्द्रियों को बल मिलता है।

कड़वे परवल के पत्तों का रस सिर के गंजेपन पर लगाने से लाभ होता है।

उड़द की दाल को उबालकर पीस लें। रात को सोने के समय सिर पर लेप करें। इससे गंजापन धीरे-धीरे दूर हो जाता है और नये बाल आना शुरू हो जाते हैं।

सिर में लहसुन का रस लगाने से बाल उग जाते हैं। इसका प्रयोग 60 दिनों तक करने से गंजापन दूर कर सकते हैं।

प्याज का रस शहद में मिलाकर गंजेपन की जगह पर लगाने से फिर से बालों का उगना शुरू जाता है।

गंज (सिर पर कहीं से बाल उड़ जाने को गंज कहते हैं) वाले भाग पर प्याज का रस रगड़ने से बाल वापस उगने लगते हैं और बाल गिरने रुक जाते हैं।

प्याज के रस में नमक और कालीमिर्च का पाउड़र मिलाकर मालिश करने से सिर की दाद के कारण सिर के उड़ गये बाल फिर से आने लगते हैं।

पत्तागोभी के रस से एक महीने तक सिर पर मालिश करने से गंजेपन का रोग सही हो जाता है।

हाथी-दांत की राख में बकरी का दूध और रसौत को मिलाकर सिर पर लेप करने से बाल उगने लगते हैं।

पके केले के गूदे को नींबू के रस में मिलाकर लगाने से गंजेपन का रोग मिट जाता है।

5-5 ग्राम फिटकरी और छड़ेला को पानी के साथ पीसकर गंजेपन की जगह 3-4 दिनों तक लगाने से गंजेपन का रोग मिट जाता है।

20-20 ग्राम तम्बाकू का जला गुल और कनेर के पत्ते को 100 मिलीलीटर सरसों के तेल में जलाकर ठंडाकर मिला लें और इसे सिर में लगायें। इससे सिर के बाल आना शुरू हो जाते हैं।

कालीमिर्च और नमक का चूर्ण प्याज के साथ पीसकर लगाने से सिर का दाद और बालों के झड़ने की शिकायत से राहत मिलती है।

अमरबेल के रस को रोजाना सिर में मालिश करने से बाल उग आते हैं।

बालों के झड़ने से उत्पन्न गंजेपन को दूर करने के लिए गंजे हुए स्थान पर अमर बेल को पानी में घिसकर लेप तैयार कर लें, इस लेप को नियमित रूप से दिन में दो बार लगभग चार या पांच हफ्ते तक लगाएं। इससे अवश्य फायदा होगा।

हरे धनिया का पानी निकालकर (पत्ते का रस) सिर पर मालिश करने से गंजेपन का रोग मिट जाता है और नये बाल आना शुरू हो जाते हैं।

सिर पर हरे धनिये का रस लगाने से बाल निकल आते हैं।

नींबू के रस में जमालगोटे के बीजों को पीसकर सिर पर लगाएं। सूखने पर कुछ ही देर में धो लें इसे हर रोज लगाते रहने से गंजेपन के रोग में लाभ होगा।

गुड़हल के फूल के फल को कालीगाय के मूत्र के साथ पीसकर गंजेपन की जगह पर लगाने से गंजेपन का रोग मिट जाता है। इससे बालों के बढ़ने में भी लाभ होता है। नोट : इसके बीज गोलाकर और अनेक बीजों से युक्त होते हैं।

गंजापन दूर करने के लिए कालीगाय के पेशाब में गुड़हल के फूलों को पीसकर लगाने से बाल बढ़ जाते हैं और गंजापन भी दूर होता है।

गुड़हल के पत्तों को पीसकर लुग्दी बनाकर बालों में लगा लें। 2 घंटे के बाद बालों को धोकर साफ कर लें। इस प्रयोग को नियमित रूप से करते रहने से न केवल बालों को पोषण मिलता है बल्कि सिर में ठंडक का भी अनुभव होता है।

गुड़हल के ताजे फूलों के रस में बराबर मात्रा में जैतून का तेल मिलाकर आग में पका लें। जब केवल तेल शेष रह जाए तो इसे शीशी में भरकर रख लें। इस तेल को बालों में मलकर जड़ों तक लगाने से बाल चमकीले और लंबे होते हैं।

गुड़हल के फूल और भृंगराज के फूल को भेड़ के दूध के साथ पीसकर लोहे के बर्तन में रख दें। 7 दिनों के बाद इसे निकालकर भृंगराज के रस में मिलाकर लोहे के बर्तन में रख दें। 7 दिनों के बाद निकालकर भृंगराज के पंचांग के रस में मिलाकर, रात को गर्म करके बालों में लगायें। सुबह उठकर सिर को धो लें। इससे बाल काले हो जाते हैं।

रोजाना 1 से 2 महीने तक लगातार नींबू का रस रगड़ने से बाल वापस उग आते हैं।

बालों का गिरना रोकने और बालों की वृद्धि के लिए सप्ताह में एक बार अपने बालों की रोज़मेरी ऑयल से मसाज कीजिए, इससे बाल मजबूत होते हैं।

बालों को मजबूत बनाने और टूटने से बचाने के लिए बालों को भरपूर पोषण दीजिए। मेंहदी में भरपूर पोषण होता है जो बालों के लिए फायदेमंद है, इसलिए बालों में मेहंदी लगानी चाहिए।मेंहदी को अंडे के साथ मिलाकर लगाने से भी बहुत फायदा होता है।

बालों के झड़ने का मुख्य कारण शारीरिक गतिविधियों की कमी भी है। नियमित रूप से कसरत या व्यायाम नहीं करने से हमारे अन्दर का रक्तसंचार कमज़ोर पड़ जाता है जिसकी वजह से उन छिद्रों को, जहाँ से बाल उगते हैं, ज़रुरत के हिसाब से पोषक तत्त्व नहीं मिल पाते इससे बालों की जड़ें कमज़ोर हो जाती हैं और बाल गिरने लगते हैं। बालों को गिरने से रोकने के लिए रोजाना कम से कम पन्द्रह मिनिट की कसरत अनिवार्य है।

नीम का पेस्ट सिर में कुछ देर लगाए रखें। फिर बाल धो लें। बाल झड़ना बंद हो जाएगा।

हमारे शरीर की बनावट में पानी की मात्रा कुछ ज्यादा, लगभग दो तिहाई होती है। आपकी त्वचा, बाल, रक्त, शुक्राणु, इन सबको स्वस्थ रहने के लिए और अपना कार्य सक्षमता से करने के लिए पानी की ज़रुरत पड़ती है।रोजाना 10 से 12 गिलास पानी पीने से हमारे रक्तसंचार में सुधार होता है हमारे अन्दर किसी भी रोग को रोकने की शक्ति पैदा होती है। हमारे बालों की जड़ें भी मज़बूत हो जाती हैं। पानी से हमारा वज़न भी कम हो जाता है। पानी हमारे बालों में भी एक नयी चमक पैदा करता है, और उन्हें स्वस्थ और मज़बूत रखता है। तो अगर आप अपने बालों को गिरने से रोकना चाहते हैं तो आप पानी पीने कोइ भी कंजूसी ना करें वरन जी भर के पानी पीजिये।

दही एक बहुत ही अचूक घरेलू नुस्खा है। दही से बालों को पोषण मिलता है। बालों को धोने से कम से कम 1/2 पहले बालों में दही लगाइये और जब यह पूरी तरह सूख जाएं तो उसे पानी से धो लीजिए। *बालों को धोने से एक घंटा पहले बालों में अंडे लगाने से भी बाल मजबूत होते हैं।

दही में नींबू का रस मिलाकर भी प्रयोग किया जा सकता है। नींबू के रस को दही में मिलाकर पेस्ट बना लीजिए। नहाने से पहले इस पेस्ट को बालों में लगाइए, 30 मिनट बाद बालों को धुल लीजिए। बालों का गिरना कम हो जाएगा।

बेसन मिला दूध या दही के घोल से बालों को धोएं। इससे भी बालों में चमक आती है और झड़ना भी बन्द होता है ।

शहद के प्रयोग से भी बालों का झडऩा रोका जा सकता है। सप्ताह में एक बार एक चम्मच शहद और एक चम्मच नीबूं को मिलाकर नहाने से 1/2 घंटा पहले अपने बालों में लगाने से बालों का गिरना बहुत कम हो जाता है। *दालचीनी और शहद को मिलाकर भी बालों में लगाइए। इससे भी बालों का झड़ना बंद होता है।

बालों को विडामिन डी की भी आवश्यकता होती है । विटामिन डी बालों को बढ़ने में काफी मददगार साबित होता है । जब आप अपने शरीर पर कम से कम 15 मिनिट के लिए भी सूर्य की किरणें पड़ने देते हैं, तो आपको उस दिन के लिए ज़रूरी मात्रा में विटामिन डी की खुराक मिल जाती है। लेकिन ध्यान रहे, बहुत ज्यादा गर्मी या तपती धूप आपके लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है। इसलिए आप सूर्य की किरणों का फायदा सुबह या शाम को ही उठाइए।

दस मिनट तक कच्चे पपीता का पेस्ट सिर में लगाएं। इससे बाल भी नहीं झड़ेंगे और डेंड्रफ भी नहीं होगी।

कई लोग बालों की झडने का शिकार गलत खाने की वजह से भी होते हैं।जंक फ़ूड , डब्बाबंद आहार, तैलीय खाना आदि में पौष्टिक तत्वों की कमी होती है इससे हमारे शरीर को सही मात्रा में आयरन, कैल्सियम , जिंक , विटामिन सी और प्रोटीन वगैरह नहीं मिल पाते। यह सब बालों के बढ़ने के लिए बहुत ज़रूरी होते हैं इसीलिए जंक फूड को छोड़कर हरी सब्जियां, फल, सूखे मेवे, दूध, अंडे खाइए जिससे कि हमारे जीवन में पौष्टिक आहारों की कमी ना रहे ।

गरम जैतून के तेल में एक चम्मच शहद और एक चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाकर उनका पेस्ट बनाकर नहाने से पहले उसे लगाने से भी बालों का गिरना कम होता है।

बालों में सप्ताह में एक बार तिल का तेल जरूर लगाएं। इस तेल के लगातार उपयोग से बाल गिरना बंद हो जाते हैं।

आधा कप दही में एक ग्राम काली मिर्च और थोड़ा नींबू का रस मिलाकर बालों में लगाएं, शीघ्र ही बहुत फायदा होगा।

धूम्रपान और शराब हमारे पूरे शरीर के लिये हानिकारक है यह हमारे शरीर में ऐसे विषैले तत्व पैदा करते है जो की हमारे बालों के लिए बहुत हीं हानिकारक होते हैं। इसलिए यदि आप अपने शरीर और अपने बालों से प्यार करते है तो इनके सेवन से पूरी तरह से परहेज करें

धन्यवाद। 
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